देहरादून, फरवरी 3 -- देहरादून। भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान में वन विभाग उत्तरकाशी के फ्रंट लाइन अधिकारियों को मृदा एवं जल संरक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण देगा। मंगलवार से संस्थान में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान पादप विज्ञान प्रभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जगमोहन सिंह तोमर ने जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर एवं समसामयिक विषय पर विस्तार से बताया। कहा कि अनियमित वर्षा, लंबे सूखे, अचानक होने वाली अतिवृष्टि, बढ़ता तापमान, जंगलों में आग की बढ़ती घटनाएँ तथा जल स्रोतों का सूखना ये सभी जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रभावों का सामना सबसे पहले वन क्षेत्रों और वहां कार्यरत फ्रंट लाइन कर्मियों को करना पड़ता है। वन बीट अधिकारी केवल वनों के प्रहरी ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन के अग्रदूत भी हैं। उन्हों...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.