कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा से वंचित रखने पर होगा आंदोलन
देवरिया, जुलाई 7 -- देवरिया, निज संवाददाता। शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री आशुतोष द्विवेदी ने जारी बयान में कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा रसोईया से लेकर प्रधानाचार्य तक को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दे दी गई है। वहीं शिक्षणेत्तर संवर्ग यानी लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इस योजना से बाहर रखा जाना भेदभाव पूर्ण है।उन्होंने कहा कि इस सौतेले व्यवहार को लेकर महासंघ के प्रदेश नेतृत्व द्वारा विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों,मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया लेकिन अभी तक कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला है।प्रदेश में जल्द ही विधान सभा चुनाव होने की सम्भावना है, ऐसे में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेश चिकित्सा से आच्छादित करने की मांग को मनवाने के लिए आन्दोलन ही एकमात्र रास्ता है। यह भी पढ़ें- कैशलेस चिकित्सा सुविधा न मिलने...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.