लखनऊ, जून 20 -- मजलिस -अल्लाह को पाने के लिए भी विलायते बहुत जरूरी हैं लखनऊ , कार्यालय संवाददाता हबीब इब्ने मजाहिर का गम मनायेंगे, हम उनपर रोएंगे फर्श-ए-अजा बिछाएंगे। मोहर्रम के चौथे दिन शनिवार को कर्बला के शहीदों का गम मनाते हुए शहर के इमामबाड़ों में उलेमा ने मजलिसों को खिताब किया। किसी ने हजरत इमाम हुसैन की बहन शहजादी जनाबे जैनब के बच्चों हजरत औन व हजरत मोहम्मद तो किसी ने बचपन के दोस्त हजरत हबीब इब्ने मजाहिर का जिक्र किया।

इमामबाड़ा गुफरामाआब चौक में इमामबाड़ा गुफरामाआब चौक में मौलाना कल्बे जव्वाद ने मजलिस को खिताब करते हुए अजादारी और इमाम हुसैन पर गिरये की अजमत को बयान किया। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि शहीद पर रोना जायज नहीं जबकि रसूलुल्लाह ने अपने चाचा हजरत हमला की शहादत पर फरमाया था कि क्या कोई मेरे चाचा हमजा पर रोने वाला नहीं है? ...