मिर्जापुर, जून 20 -- मिर्जापुर,संवाददाता। मोहर्रम की तीसरी तारीख शुक्रवार की देर रात कर्बला के सबसे छोटे शहीद हजरत अली असगर अलैहिस्सलाम की याद में कुरैश नगर से झूले का जुलूस निकाला गया। यह भी पढ़ें- कर्बला के शहीदों की याद में भर आईं आंखें जुलूस की शुरुआत जुलूस निकालने से पहले मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें हजरत अली असगर अलैहिस्सलाम के मसायब बयान किए गए। मसायब सुनकर अजादार फफक-फफक कर रोने लगे। जब हजरत अली असगर अलैहिस्सलाम का झूला कर्बला की ओर उठाया गया, तो वहां मौजूद महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों सभी की आंखें नम हो गईं। पूरे रास्ते अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा रहा। चारों तरफ या हुसैन, या हुसैन की सदाएं बुलंद हो रही थीं। झूले की जियारत और बोसा लेने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। कोई दूध बांट रहा था, तो कोई सबील लगा रहा था। पूरे रास्ते...