अल्मोड़ा, अक्टूबर 15 -- अल्मोड़ा। भाकृअनुप- विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की विकसित 'वीएल मंडुआ 400' कर्नाटक के क्षेत्रों में भी लहलहा उठी है। कम बारिश व सूखे जैसी परिस्थितियों के बावजूद इस किस्म में बेहतर प्रदर्शन किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, वीएल मंडुआ 400 खेतों में सौ से भी कम दिनों में पक जाती है। कम अवधि में पकने की क्षमता फसल को मौसम के अंतिम चरण में पड़ने वाले सूखे और अनिश्चित बारिश को जोखिम से बचाने में मदद करती है। राष्ट्रीय बीज निगम दावणगेरे कर्नाटक व वीपीकेएएस के सहयोग से खरीफ के दौरान 70 हेक्टेयर क्षेत्र में इस किस्म का उत्पादन किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...