नई दिल्ली, जून 7 -- कर्नाटक में डीके शिवकुमार के शपथ लेते ही राजनीतिक संकट एक बार फिर पैदा हो गया था। हालांकि अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि संकट टल गया है। मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने देर रात तक बैठक की। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह आंतरिक मामला था और इसे सुलझा लिया गया है। हालांकि इतना तो स्पष्ट हो गया है कि सिद्धारमैया के सीएम पद से हटने और डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद विवाद खत्म नहीं हुआ बल्कि संकट की जड़ें और गहरी हो गई हैं। सिद्धारमैया अपने कद से किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहते। इसके अलावा जाहिर सी बात है कि सिद्धारमैया का भी एक गुट है जो कि किसी और का वर्चस्व कभी नहीं चाहेगा।क्यों नाराज थे रामलिंगा रेड्डी डीके शिवकुमार के साथ राज्य में 14 मंत्रियों ने शपथ ...