नई दिल्ली, जुलाई 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक सरकार की एक याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई। याचिका में हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत जद (एस) विधायक एच.डी. रेवन्ना के खिलाफ धारा-354 के तहत महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप हटा दिया गया था। जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और के विनोद चंद्रन की पीठ ने एच.डी. रेवन्ना को नोटिस भी जारी किया और उनके वकील से राज्य सरकार की याचिका के जवाब में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा। सुनवाई के दौरान, पीठ ने कर्नाटक सरकार से सवाल किया कि जब हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 354 के तहत आरोप हटा दिए थे, तब उसने उस आदेश को चुनौती क्यों नहीं दी, और सरकार से कुछ अनुशासन बनाए रखने को कहा। पीठ ने गौर किया कि एक घरेलू सहायक ने एच.डी. रेवन्ना और प्रज्वल रेवन्ना की पिता-पुत्र पर कई तरह के आरो...