दरभंगा, अगस्त 17 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रध्वज फहराने के बाद कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय ने कहा कि जो जहां हैं, वे वहीं अपने कर्तव्यों को समझें और उसका ईमानदारी से निर्वहन करें, वही देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि हम संस्कृतज्ञों की जिम्मेदारी है कि निष्ठा से संस्कृत को पुष्पित-पल्लवित व विकसित करने का जतन करते रहें। इसे अक्षुण्ण रखने के लिए आने वाली चुनौतियों को समझें व परखें और इसकी मजबूती व सार्थकता के लिए लगातार प्रचार-प्रसार करते रहें। यही राष्ट्र सेवा होगी और यही राष्ट्रभक्ति भी होगी। उक्त जानकारी देते हुए विवि के पीआरओ डॉ. निशिकांत ने बताया कि कुलपति ने कहा कि देश को विकसित करने के लिए खून नहीं बल्कि पसीना बहाने की जरूरत है। यह भी पढ़ें- वेंकटेश्वरा में फहर...