कर्ज वसूली के लिए 'आईबीसी' हथियार नहीं : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, जुलाई 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार राष्ट्रीय कंपनी लॉ अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के एक फैसले को बरकरार रखा। एनसीएलएटी ने एस्सार पावर गुजरात लिमिटेड के खिलाफ Rs.85 करोड़ की दिवालियापन याचिका खारिज की थी। जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने फैसले में जोर दिया कि जब पक्षों के बीच पहले से कोई असली विवाद हो, तो दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत ऑपरेशनल क्रेडिटर द्वारा दिवालियापन की कार्यवाही को कर्ज वसूली के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दे सकते। पीठ ने इसके साथ ही, एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ अपील खारिज कर दी। यह भी पढ़ें- NCERT ने बदली 8वीं की सोशल साइंस की किताब, न्यायपालिका से जुड़े विवादित चैप्टर को किया संशोधित अपीलकर्ता यानी ऑपरेशनल क्रेडिटर का दावा था कि एस्सार पावर...
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