नई दिल्ली, जुलाई 23 -- नई दिल्ली। 'कर्ज लेकर घी पीने' की कहावत आज के दौर में हकीकत बनती दिख रही है। बदलती जीवनशैली के बीच लोग टीवी, फ्रिज, एसी, मोबाइल, वाहन से लेकर घूमने-फिरने तक के लिए भी धड़ल्ले से कर्ज ले रहे हैं। बिंदास जीवन जीने की होड़ में परिवारों पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है और बीते सात वर्षों में उपभोग कर्ज की हिस्सेदारी तेजी से बढ़कर 49.7 फीसदी तक पहुंच गई है। देशभर में ऋण लेने की प्रवृत्ति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। यह भी पढ़ें- बेहतर जीवनशैली के लिए धड़ल्ले से कर्ज ले रहे लोगऋण की प्रवृत्ति में बदलाव यह वृद्धि दिखाती है कि मौजूदा दौर में लोग उपभोग ऋण श्रेणी में आने वाले पर्सनल ऋण, क्रेडिट कार्ड, कंज्यूमर ड्यूरेबल (टीवी, फ्रिज, एसी, मोबाइल, लैपटॉप, फर्नीचर), दोपहिया वाहन और कुछ मामलों में दैनिक एवं私人 खर्च तक के लि...