नई दिल्ली, फरवरी 27 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सोने के गहनों को गिरवी रखकर ऋण लेने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि देश में सोने की ज्वेलरी के बदले ऋण लाने में सालाना आधार पर 42 प्रतिशत से अधिक का तेजी आई है। इसका अंदाजा ऐसे भी लगाया जा सकता है कि अकेले दिसंबर 2025 में देशभर में स्वर्ण आभूषणों को गिरवी रखकर 24061 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है। आरबीआई की तरफ से जारी मासिक रिपोर्ट में ऋणों से जुड़ा ब्योरा दिया गया है, जिससे पता चलता है कि स्वर्ण आभूषण के बदले लिया गया ऋण सबसे अधिक तेजी से बढ़ रहा है। दरअसल, इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, गहनों को गिरवी रखकर कर्ज हासिल करना आसान है। इसके लिए बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान ऋण देते वक्त सोने की शुद्धता की जांच करने के बाद आसानी स...
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