अलीगढ़, अप्रैल 24 -- (विश्व मलेरिया दिवस) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। मच्छरों के खिलाफ हर साल करोड़ों का बजट खर्च होने के बावजूद हालात काबू में नहीं आ पा रहे। प्रशासन ने बीमारियों की निगरानी (सर्विलांस) का मजबूत तंत्र तो खड़ा कर दिया है, लेकिन जिन कारणों से ये बीमारियां जन्म लेती हैं, उन पर ठोस काम नहीं हो पा रहा। परिणाम यह है कि मच्छर अब सिर्फ नालियों या गंदी बस्तियों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पॉश कॉलोनियों और बंद कमरों तक पहुंच चुके हैं।स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान के तहत गांव-गांव और मोहल्लों में टीमें भेजकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह भी पढ़ें- दावों के बीच डंक का दम, पांच साल में 20 गुना बढ़े मरीज लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। लेकिन जमीनी हकीक...
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