लखनऊ, जून 15 -- दिनेश पांडेय/ मनकापुर गोंडा। सम्राट अशोक के स्तंभ के खंडहर पर खड़ा है यह रहस्यमयी शिव मंदिर, सात सौ साल पुरानी आस्था आज भी जीवंत है। जब इतिहास और आस्था एक ही पत्थर में समा जाएं, तो वह स्थान तीर्थ बन जाता है। गोंडा जिले की मनकापुर तहसील में स्थित करोहानाथ मंदिर ऐसा ही एक अलौकिक स्थल है, जहां सम्राट अशोक के टूटे स्तंभ पर भगवान शिव विराजते हैं और जहां कभी स्वयं भगवान बुद्ध ने इस पावन धरती पर कदम रखे थे। यह मंदिर सिर्फ पत्थर और चूने की इमारत नहीं, बल्कि ढाई हजार साल की सभ्यता, संस्कृति और अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण है। करौहामान गांव के निकट बसा यह तीर्थस्थल बौद्ध धर्म की स्मृतियों, सम्राट अशोक की विरासत और गहड़वाल वंश की आस्था को अपने भीतर समेटे हुए है। हर सोमवार यहां उमड़ती भक्तों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आस्था का यह दी...