बरेली, अप्रैल 29 -- मीरगंज ब्लॉक में जांच के दौरान विकास कार्यों में खर्च किए गए करोड़ों रुपये का हिसाब-किताब नहीं मिला। जांच टीम को तमाम दस्तावेज नहीं दिखाए गए। गंभीर अनियमितताओं की संभावना के चलते आयुक्त ग्राम विकास ने स्पेशल ऑडिट का निर्देश दिया है। ऑडिट टीम को एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देनी है। मीरगंज ब्लॉक में एक संभावित वित्तीय अनियमितता का प्रकरण सामने आया है। बीती जनवरी में संयुक्त विकास आयुक्त देवेंद्र प्रताप ने ब्लॉक का निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्रांट रजिस्टर भाग-1, भाग-2 और भाग-3 मांगे गए। ग्रांट रजिस्टर भाग-1 में जो पैसा विकास कार्यों के लिए आता है, उसकी एंट्री की जाती है। ग्रांट रजिस्टर भाग-2 में मद के हिसाब से एंट्री की जाती है और ग्रांट रजिस्टर भाग-3 में खर्च का विवरण दर्ज किया जाता है। जब जांच की गई तो पाया गया कि भाग-1 औ...