उन्नाव, मार्च 23 -- उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सुरक्षित सफर के सरकारी दावे हकीकत की जमीन पर दम तोड़ रहे हैं। एक अरब रुपये खर्च करने के बाद भी इस 82 किलोमीटर लंबे मार्ग पर मौत का तांडव जारी है। बदहाल डिवाइडर, गायब सफेद पट्टियां और अवैध कट्स ने इस अति-व्यस्त मार्ग को हादसों का गंतव्य बना दिया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के शुरुआती 80 दिनों में ही हाईवे पर हुए हादसों में 59 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। दिखावे का सुधार: 40 फीसदी हिस्से में संकेतक गायबप्रशासनिक दावों के उलट, हाईवे के 40 प्रतिशत हिस्से में न तो सफेद पट्टी बची है और न ही जेब्रा क्रॉसिंग। सोहरामऊ के बनी ब्रिज एंट्री पॉइंट पर ही अव्यवस्थाएं मुंह चिढ़ा रही हैं। यहाँ न तो रेलिंग है और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। कानपुर के जाजमऊ गंगा पुल तक पहुंचने पर संकेतक गायब मिलते है...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.