संभल, मई 5 -- जनपद में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण विकास की नई रफ्तार लेकर आया है, लेकिन इसके साथ ही कई किसानों के जीवन में अनचाही उलझनें भी पैदा हो गई हैं। जनपद के 31 गांवों से होकर गुजर रहे इस एक्सप्रेसवे के लिए सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया। सरकार की ओर से किसानों को सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा दिया गया, जिससे कई किसानों को एकमुश्त करोड़ों रुपये प्राप्त हुए। मुआवजा मिलने के बाद किसानों ने सबसे पहले जमीन के बदले जमीन खरीदने की कोशिश की, क्योंकि उनके पूर्वज दशकों से इस व्यवसाय से जुड़े थे। लेकिन किसानों को अपने ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मजबूरी में किसानों ने गुन्नौर, चन्दौसी, अमरोहा और बदायूं जैसे दूसरे इलाकों की ओर रुख किया। किसानों ने दूर-दराज के इलाकों में जमीन तो खरीद ली, ले...
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