नई दिल्ली, जुलाई 31 -- तमिलनाडु के करूर में मची भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली अपील के सिलसिले में, 'मनिथनेया जननायगा काची' (एमजेके) के राज्य उप-सचिव सीनी अहमद की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट याचिका दायर की गई है। मद्रास हाईकोर्ट ने 27 जुलाई को भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के तमिलनाडु सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि यह कदम संविधान के अनुच्छेद-14 और 16 का उल्लंघन करता है, जो कानून के समक्ष समानता और सरकारी नौकरी में समान अवसर की गारंटी देते हैं। यह भी पढ़ें- Delhi News: बालाजी के खिलाफ सुनवाई 11 अगस्त तक टली कोर्ट ने यह टिप्पणी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें मुख्यमंत्री विजय की पार्टी 'त...