बोकारो, फरवरी 28 -- नावाडीह, प्रतिनिधि। स्थानीय नीति 1932 को लेकर बीते 13 मई 2016 को झामुमो द्वारा झारखंड बंद की पूर्व संध्या पर बोकारो जिले के नावाडीह में एक घटना में शुक्रवार को धनबाद व्यवहार न्यायालय ने नावाडीह प्रखंड के ही गौरी शंकर महतो (पूर्व मुखिया), विश्वनाथ महतो (पूर्व उप प्रमुख नावाडीह एवं वर्तमान में सुरही मुखिया), बालेश्वर महतो एवं बिल्सी देवी को बाइज्जत बरी किया। उस दिन तत्कालीन डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकाला गया था। मशाल जूलूस को रोकने के लिए कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे। उसी क्रम में नावाडीह थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी रामचंद्र राम मशाल जूलूस की भीड़ में जमीन पर गिरकर अचेत हो गए थे। तब इलाज के लिए बोकारो जेनरल अस्पताल में भर्ती किया गया था जहां इलाज के दौरान कई दिनों के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया...