रांची, अप्रैल 24 -- रांची, विशेष संवाददाता। पशु स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण में पशुचिकित्सकों की बढ़ती भूमिका के साथ-साथ इस क्षेत्र में करियर और प्रवेश के अवसरों ने करियर संभावनों के नए विकल्प दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में पशुचिकित्सा सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार, अनुसंधान, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। वर्तमान देश में 90 हजार से अधिक पंजीकृत पशुचिकित्सक कार्यरत हैं और इस क्षेत्र में युवाओं, शेषकर छात्राओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के अंतर्गत रांची वेटनरी कॉलेज में पशुचिकित्सा पाठ्यक्र में 12वीं के बाद नामांकन लिया जा सकता है। यह भी पढ़ें- योग के स्नातकोत्तर व पीजी डिप्लोंमा पाठ्यक्रमों में नामांकन जारी पशुचिकित्सा क्षे...