कानपुर, जून 24 -- कानपुर, दक्षिण संवाददाता। सूरज की मौत के बाद मां को अभी तक यकीन नहीं हो रहा है कि उनका बेटा लखनऊ अग्निकांड में जिंदा जल गया। बेचैन मां ने करवटें बदलकर किसी तरह रात काटी जबकि बच्चों को हौसला दे रही मां के जब-जब आंसू निकले तो वह छिप-छिपाकर रोने पर मजबूर रही। ताकि छोटे बेटे व बेटी को जीने की थोड़ी सी हिम्मत मिल सके। इतना ही नहीं, सूरज की मौत के बाद से मां व भाई-बहन के हलक से कुछ उतर नहीं रहा। बेटे के गम में बुरी तरह टूट चुकी मां ने कहा कि सिस्टम की लापरवाही से सूरज की मौत हुई है। यह भी पढ़ें- लखनऊ अग्निकांड: दादी की 17वीं में आना था, चार कंधों पर आया; बेटे संयम का शव देख बिलख पड़ी मांदूसरी त्रासदी का सामना बर्रा-7 निवासी शिवराम सिंह की करीब तीन साल पहले अग्निकांड में मौत के बाद पत्नी मीरा के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि दूसरी...