साहिबगंज, अप्रैल 26 -- साहिबगंज। जल जंगल जमीन की रक्षा का नारा देने वाली हेमंत सरकार चाहे विकास का कितना भी ढिंढोरा पीट ले परन्तु आज भी सरकारी तंत्र की लापरवाही एवं बिचौलियों की मनमानी सर चढ़कर बोल रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण है आदिम जनजाति का एक पहाड़िया गांव करमपहाड़। जिला मुख्यालय से सटे करीब 50 परिवारों से घिरा इस पहाड़िया गांव में आज भी पीने का पानी मयस्सर नहीं है। पिछले दिनों तत्कालीन उपायुक्त हेमंत सती स्वयं इस गांव का दौरा कर जल प्रबंधन का वचन दिए थे और उनके ही आदेश पर जल मीनार बनाने का काम शुरू भी किया गया परंतु पिछले दो-तीन वर्षों में एक छोटा सा जल मीनार बनकर पूरा नहीं हो सका। यह भी पढ़ें- जलमीनार बना शोभा की वस्तु, प्यास से जूझ रहे लोग गांव के प्रधान प्रेम कुमार माल्टो ने बताया कि इस जल मीनार का बन जाने पर हम पहाड़िया ग्रामी...
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