मेरठ, मार्च 20 -- सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगे की आग में जल रहा था और इसी दौरान मेरठ में सनसनीखेज करण हत्याकांड अंजाम दिया गया। आरोप था कि सिविल लाइन के सुभाषनगर निवासी करण कौशिक की सलमान, सुहेल और ताज मोहम्मद ने हत्या कर लाश कब्रिस्तान में दबा दी थी। कत्ल के चार दिन बाद लाश जैसे ही बरामद हुई, शहर का माहौल गरमा गया था। सांप्रदायिक टकराव के हालात बन गए थे, लेकिन करण के परिजनों और पुलिस-प्रशासन की सूझबूझ से स्थिति संभल गई। करण की हत्या को 12 साल गुजर चुके हैं और परिवार को आज भी इंसाफ का इंतजार है। तमाम अड़चनों के बाद ह केस अब आखिरी चरण में पहुंच चुका है और अभियोजन की ओर से साक्ष्य पूरे कराए जा चुके हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही केस में निर्णय होगा। सिविल लाइन के सुभाषनगर गली-2 निवासी राकेश कौशिक के बेटे करण कौशिक का मोबाइल क...