प्रयागराज, अप्रैल 6 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करंट लगने (इलेक्ट्रोक्यूशन) के मामलों में कहा है कि करंट लगने से हुए हादसे में बिजली विभाग की सख्त जिम्मेदारी तय होती है और पीड़ित को मुआवजा पाने के लिए विभाग की लापरवाही साबित करने की आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति संदीप जैन ने पावर कॉरपोरेशन की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त जिम्मेदारी का सिद्धांत लागू होता है और वादी को यह साबित करने की जरूरत नहीं कि बिजली लाइन के रखरखाव में विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही थी। उसे केवल यह साबित करना है कि उसे करंट से चोट लगी। मामला पीलीभीत के मजदूर निसार अहमद से जुड़ा था, जो उस समय गंभीर रूप से घायल हो गया जब विद्युत प्रवाहित हाईवोल्टेज तार उसके ऊपर गिर गया। इस हादसे के कारण उसे गैंगरीन हो गया और उसका हाथ काटना पड़ा। उ...
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