पीलीभीत, मार्च 20 -- आकूत जल संसाधनों के साथ हरित संपदा को समेटे हुए जिले के आंगन में बेशक हरियाली कम हुई। पर यह भी हकीकत है कि अब भी जिले में नैसर्गिंक नजारों में कमी नहीं है। एफएसआई यानि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में पिछले सालों में 21.6 हेक्टेयर में हरियाली कम हुई है। पर अब नई तैयारी करते हुए 30.53 हेक्टेयर जमीन पर कब्जे को हटा कर यहां हरियाली रोपने का निर्णय किया गया है।भरत कुमार डीके, डीएफओ वन एवं वन्यजीव प्रभाग।
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