लखनऊ, सितम्बर 6 -- कान से बार-बार पस आना, दर्द और सुनाई कम देना के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। लंबे समय तक यह परेशानी कान के संक्रमण का संकेत हो सकता है। क्रॉनिक ओटाइटिस मीडिया में कान के पर्दे के पीछे संक्रमण बना रहता है। कई मरीज इसे सामान्य समस्या मानकर इलाज टालते रहते हैं। संक्रमण बढ़ने पर सुनने की क्षमता प्रभावित होने के साथ कान के आसपास की हड्डी तक असर पड़ सकता है। यह जानकारी बलरामपुर अस्पताल में ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. हिमांशु प्रताप सिंह ने दी। वह रविवार को बलरामपुर अस्पताल में पहली बार टेम्पोरल बोन डिसेक्शन पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में डॉक्टरों ने कान की जटिल सर्जरी की बारीकियां सीखी।

कान के संक्रमण का समय पर इलाजडॉ. हिमांशु प्रताप सिंह ने कहा कि लंबे समय तक कान में संक्रमण का समय पर इलाज जरूरी है। द...