एटा, जून 3 -- जिले में इस बार धान की खेती का दायरा सिमटने जा रहा है। शासन ने इस खरीफ सीजन में जिले के लिए धान उत्पादन के लक्ष्य में कटौती की है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 15 हजार हेक्टेयर कम भूमि पर धान की रोपाई की जाएगी। शासन के इस फैसले से एक ओर पानी की खपत कम होगी। कृषि विभाग को पिछले वर्ष जिले में कुल 80391 हेक्टेयर भूमि पर धान उत्पादन कराने का लक्ष्य मिला था। अनुकूल मौसम और किसानों की मेहनत की बदौलत विभाग ने उस लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करते धान की बंपर पैदावार कराई थी, लेकिन इस बार शासन ने जिले को केवल 65481 हेक्टेयर भूमि पर ही धान उत्पादन करने का लक्ष्य आवंटित किया है। इसका मुख्य कारण है कि धान की बंपर खेती करने से जिले की मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है। वहीं सिंचाई के लिए पानी भी उत्यधिक जरुरत पड़ती है। ज...