देवरिया, मई 1 -- देवरिया, निज संवाददाता। पांच सौ से कम राशन कार्ड वाली कोटे की दुकानें समाप्त हो सकती है। इससे कम संख्या वाली दुकानों का अगल-बगल की दुकानों में विलय किया जायेगा। 500 से कम राशन कार्ड वाले दुकानों का आपूर्ति विभाग से ब्योरा मांगा गया है। नए नियम से करीब 50 फीसदी दुकानें खत्म हो सकती हैं। जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 1456 सस्ते गल्ले की दुकानें हैं। कोटे की दुकानों से अंत्योदय व पात्र गृहस्थी को राशन दिया जाता है। अंत्योदय कार्ड धारकों की संख्या करीब 1.5 लाख है। पात्र गृहस्थी की संख्या अधिक है। भारत सरकार ने 500 से कम राशन कार्ड वाली उचित दर दुकानों का नजदीकी दुकानों में विलय करने की तैयारी चल रही है। भारत सरकार ने इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग को पत्र भेजा है, इसमें 500 से कम राशन कार्डो की संख्या वाल...