झांसी, जून 16 -- झांसी। मानसून की अनिश्चितता के चलते बुंदेले अपनी रणनीति किसानी के लिए बनाकर चलें। कम बारिश के हालातों में किसान मोटे अनाज और दलहन तिलहन पर फोकस कर सकते है। इसमें अधिक पानी की जरूरत नहीं होती है। रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के सस्य विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. योगोश्वर सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फसलों का चयन करें, इससे उत्पादन जोखिम कम हो और खेती अधिक लाभकारी बन सके।बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों में अल-नीनो के प्रभाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई गई। यह भी पढ़ें- अपडेट :: उत्तर भारत में आंधी-बारिश की संभावना, 12 राज्यों में अलनीनो का असर वर्षा आधारित खेती करने वाले किसानों को...