झांसी, जून 2 -- झांसी। यदि बुंदेलखंड में ही कम पानी में अधिक धान की खेती करने की किसान सोच रहे है तो कोई मुश्किल नहीं है। इसके लिए किसानों को एरोबिक धान की खेती करनी होगी। इससे उत्पादन में वृद्धि होती है और पोखर बनाने की जरूरत नहीं होती। इसकी बुआई का उपयुक्त समय 15 से 25 जून के बीच कर सकते है। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. गुंजन गुलेरिया एवं डॉ. योगेश्वर सिंह ने बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों को कम पानी में एरोबिक धान (सीधी बुवाई वाली धान) की खेती अपनाने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार बुंदेलखंड की जलवायु एवं भूमि दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त है。 यह भी पढ़ें- लगातार दो साल से बढ़ रहा झांसी में धान बुआई का रकबाकृषि में बेहतर विकल्प किसान मक्का, श्री अन्न (मोटे अनाज), मूंग, उड़द तथा...