कम पानी में अधिक मुनाफे का विकल्प बनी तिल की खेती
बलरामपुर, जुलाई 2 -- बलरामपुर, संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा की तरफ से गुरुवार को थारू जनजाति बहुल ग्राम भूशहर पुरई में तिल की उन्नत उत्पादन तकनीक पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। लगातार कम वर्षा व खरीफ सीजन में बदले मौसम के बीच किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण के दौरान 50 थारू किसानों को तिल की उन्नत प्रजाति आरटी-372 का निशुल्क बीज वितरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने से धान की रोपाई प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों को अधिक पानी वाली फसलों के बजाय कम पानी में तैयार होने वाली दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खेती अपनानी चाहिए। यह भी पढ़ें- Gonda News: श्रीअन्न उपजाएं, धान की सीधी बुआई करें किसान तिल ऐस...
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