गोरखपुर, अगस्त 31 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एलोवेरा से तैयार ग्राफीन भविष्य में ऐसी तकनीक बनाने में मदद कर सकता है, जिसमें कम रोशनी की ऊर्जा से रासायनिक पदार्थ तैयार किए जा सकेंगे और रासायनिक प्रक्रियाएं चलाई जा सकेंगी। इससे भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल रसायन बन सकेंगे। साथ ही कम प्रकाश की मदद से काम करने वाले छोटे-बड़े रासायनिक रिएक्टर विकसित किए जा सकेंगे। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के शोधकर्ताओं ने इसे लेकर एलोवेरा से तैयार ग्राफीन और एथिडियम ब्रोमाइड को मिलाकर हाइब्रिड सामग्री विकसित की है, जो सामान्य दिखाई देने वाली रोशनी की ऊर्जा का इस्तेमाल रासायनिक प्रतिक्रिया को आगे बढ़ाने में करती है। यह भी पढ़ें- अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यूसील लैब का उद्घाटनयह शोधपत्र यह शोधपत्र स्प्रिंगर के जर्नल ऑफ इनऑर्ग...