नई दिल्ली, जुलाई 1 -- अलीगढ़, संवाददाता। ऑनलाइन पढ़ाई, वीडियो गेम और सोशल मीडिया के कारण 8 से 16 वर्ष के बच्चों में ड्राई आई, डिजिटल आई स्ट्रेन और मायोपिया (नजदीक का चश्मा) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दीनदयाल अस्पताल में हुए अध्ययन के आधार पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुंदर सिंह ने बताया कि स्क्रीन देखने के दौरान बच्चे सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं। इससे आंसुओं की प्राकृतिक परत सूख जाती है, जिस कारण जलन और धुंधलापन होता है। वर्ष 2025 की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार रोजाना स्क्रीन टाइम में हर अतिरिक्त एक घंटे की बढ़ोतरी से मायोपिया होने का खतरा औसतन 21 फीसदी बढ़ जाता है। 6 से 16 वर्ष के बच्चों पर किए गए अध्ययन में दो घंटे से अधिक स्क्रीन देखने वाले 26.1 फीसदी मायोपिया पाया गया, जबकि एक घंटे से कम स्क्रीन देखने वालों में यह आंकड़ा 13.2 फीसदी रह...