कौशाम्बी, अगस्त 23 -- हृदय रोग अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है। कम उम्र के युवाओं में भी हृदयाघात के मामले सामने आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने युवाओं को अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अनियमित दिनचर्या, अत्यधिक तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित खान-पान, मोटापा, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हृदय की सेहत को लेकर उम्र बढ़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए। रोजाना शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना चाहिए। नियमित पैदल चलना, खेलकूद और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना भी जरुरी है। यह भी पढ़ें- शर्ट का कॉलर 17 इंच से बड़ा हो...