लखनऊ, सितम्बर 10 -- दिल की बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं। बल्कि बच्चों और युवाओं में तेजी बढ़ रही हैं। आनुवंशिक कारण दिल के जोखिम को बढ़ा सकते हैं,लेकिन इसके लिये करीब 80 फिसदी जीवनशैली जिम्मेदार है। इसमें तंबाकू, कम शारीरिक गतिविधि, बाजार का खानपान, मोटापा, तनाव, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल आदि कारक अहम भूमिका निभाते हैं। इसे बदलकर दिल को सेहतमंद रखा जा सकता है। अमेरिका में बसे केजीएमयू से पढ़े फिजीशियन व फिल्म निर्माता व डॉ. निर्मल जोशी और डॉ. रेनू जोशी ने ये बातें कम उम्र में हृदय रोग के बढ़ते खतरे के बीच बुधवार को पीजीआई में आयोजित 'दिल से दिल की बात : एशियाई भारतीयों के दिल को समझना' सत्र में कहीं। दंपत्ति डॉक्टर ने अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'द ब्राउन हार्ट' के चुनिंदा हिस्से दिखाए। फिल्म में दक्षिण एशियाई लोगों...