नई दिल्ली, नवम्बर 16 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। पत्नी को गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए कम आय बताने वाले पति को कड़कड़डूमा अदालत ने फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि विवाह से पहले लड़के को अपने भविष्य और जिम्मेदारियों का अनुमान होना चाहिए। सिर्फ शादी कर लेना पर्याप्त नहीं है, विवाह के बाद पत्नी की देखभाल और आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाना भी जरूरी है। मामले में पति ने दावा किया कि उसकी आय बहुत कम है और वह गुजारा भत्ता देने में सक्षम नहीं है। वहीं, पत्नी ने अदालत में बताया कि शादी बड़े समारोह में पांच सितारा होटल में हुई थी। पति लगातार महंगे खर्च करता रहा है। ऐसे में उसकी कम आय का दावा विश्वसनीय नहीं लगता। अदालत ने पाया कि पति पहले भी कई बार अपनी आय के बारे में विरोधाभासी जानकारी दे चुका है। वह कभी खुद को मजदूर बताता है तो कभी बेहद कम...
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