लखीमपुरखीरी, मई 14 -- बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होते ही कहीं खुशी का माहौल है, तो कहीं कम अंकों के कारण सन्नाटा। कई छात्र कम अंक आने पर निराशा, आत्मग्लानि और भविष्य की चिंता में डूबे हैं। लेकिन शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मार्कशीट का एक पन्ना किसी छात्र की पूरी काबिलियत और भविष्य तय नहीं कर सकता। उनका मानना है कि परिणाम आने के बाद तनाव महसूस करना स्वाभाविक है, लेकिन इसे खुद पर हावी न होने दें। यह भी पढ़ें- बोर्ड रिजल्ट: पेज 2 के लिए:इस बार बदल रहा छात्रों का युवाओं का रुझानविशेषज्ञों की सलाह विशेषज्ञों ने छात्रों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं। अजमानी पब्लिक स्कूल की एमडी गुरजीत अजमानी का कहना है कि रिजल्ट देखकर खुश और निराश होना सामान्य है। उनकी सलाह है कि अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय माता-पिता या किसी भरोसेमंद मित्...