अंबेडकर नगर, फरवरी 28 -- अम्बेडकरनगर। नागरिक सुरक्षा के लिए गठित नागरिक संगठन से जुड़े लोगों को अपनी जिम्मेदारी के बारे में ही स्पष्ट जानकारी नहीं है। कारण यह कि इन्हें बेहतर प्रशिक्षण ही नहीं दिया जाता है। इसके अलावा इस प्रकार के संगठन ज्यादातर शहरी क्षेत्र में ही सक्रिय रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी सक्रियता बहुत कम होती है। आम लोगों के साथ संवाद करना व उनसे फीडबैक लेना जैसा कार्य शायद ही कभी होता है। सिर्फ पर्व के मौकों पर ही समिति के पदाधिकारी व सदस्य थानों में होने वाली बैठक में दिखते हैं। आम दिनों में इनकी सक्रियता कहीं नहीं दिखती। महिलाओं को सुरक्षा व अधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान तो चलता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह अभियान प्रभावी रूप से नहीं चल रहा। अलग-अलग क्षेत्र में सामाजिक संगठन तो कार्य कर रहे, लेकिन ...
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