दरभंगा, मार्च 23 -- दरभंगा। विश्व जल दिवस के अवसर पर 'जल है तभी है कल' का नारा बुलंद कर प्रबुद्धजनों ने कमला नदी को बचाने का प्रण लिया और इसे लेकर निरंतर अभियान चलाने की घोषणा की। रविवार को भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच, तालाब बचाओ समिति एवं ग्राम स्वराज्य अभियान कार्यकर्ताओं ने संकल्प सभा की। संयोजक अजित कुमार मिश्र ने बताया कि नेपाल से निकली कमला नदी झंझारपुर से दरभंगा, पूरब से पश्चिम लगभग 45 किलोमीटर के बीच 10 धाराओं मे बहती थी। बाढ़ नियंत्रण के नाम पर कमला बलान के दोनों तरफ तटबंध निर्माण के बाद अन्य नौ धाराओं के मुंह को बंद कर दिया गया। इससे बाढ़, सुखाड़, जलजमाव और जल प्रदूषण जैसे आपदा एक साथ होने लगे। आज कमला नदी मृतप्राय हो चुकी है। परिणामस्वरूप पीने योग्य पानी से लेकर कृषि योग्य पानी की भी दिनानुदिन कमी हो रही है। इसीलिए कमला को बचाना जर...
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