नई दिल्ली, फरवरी 9 -- नई दिल्ली, अभिषेक झा। इस सर्दी उत्तर भारत में बारिश सामान्य से कम रही और इसकी बड़ी वजह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ माने जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर से फरवरी तक का शीतकाल इस बार अपेक्षाकृत शुष्क रहा। पश्चिमी विक्षोभ से जुड़े एक अध्ययन ने स्थिति को समझने में मदद की है। यह अध्ययन जलवायु वैज्ञानिक कीरन एम हंट ने तैयार किया है, जो बताता है कि इस सर्दी पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहे। 1. उत्तर भारत में वर्षा की कमी दर्ज मौसम विभाग 1971-2020 की औसत वर्षा को मानक मानता है। इस मानक से 20 प्रतिशत या अधिक कमी को 'वर्षा की कमी' माना जाता है। इस सर्दी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में वर्षा की कमी दर्ज हुई। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में आधिकारिक तौर पर कमी घोषित नहीं हुई, लेकिन बारिश के दिनों की संख्या बहुत कम ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.