महाराजगंज, फरवरी 25 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। आज भले ही लक्ष्मीपुर के जंगलों में बिछी ट्राम-वे की पटरियां मिट्टी में दफन हो चुकी हों, लेकिन बुजुर्गों के जेहन में ट्राम इंजन की तीखी आवाज व साखू गर्म भाप की याद ताजी है। यह महज एक ट्रेन नहीं धरोहर है जिसने दशकों तक इस इलाके को दुनिया के नक्शे पर बनाए रखा। साखू के स्लीपर से देश में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने में विशेष योगदान दिया। अब इसके चार इंजन में से एक इंजन को लखनऊ चिड़ियाघर में पहले ही भेजा सैलून व बोगी के साथ भेजा जा चुका है। दो इंजन को फिर से लखनऊ भेजा जा रहा है। इसमें से एक इंजन मोहनापुर ढाला के पास खड़ा है। चौथा इंजन एकमा डिपो में ही है। उसके बारे में कहा जा रहा है कि इसको गोरखपुर भेजा जाएगा। हालांकि चौथे इंजन को लेकर नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी ने कहा कि यह लक्ष्मीपुर...
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