मुंगेर, अप्रैल 6 -- मुंगेर, निज संवाददाता। मुंगेर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाना अब सूरज को दीया दिखाने जैसा है। शहर के कौड़ा मैदान और राजा बाजार का निगम मार्केट आज भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीवंत स्मारक बन चुका है। एक तरफ इमारतें इतनी जर्जर हैं कि कब धराशायी होकर किसी निर्दोष की बलि ले लें, कोई नहीं जानता। दूसरी तरफ, इन खंडहरों के भीतर बंदरबांट का ऐसा खेल चल रहा है, जिसे देखकर सिस्टम शब्द से भी शर्म आ जाए। ​कागजों पर मल्टी स्टोरी और जमीन पर मौत का खेलः​साहबों के दफ्तर में फाइलें दौड़ रही हैं कि, जर्जर मार्केट को तोड़कर भव्य मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी। डीपीआर तैयार है, प्रस्ताव पास है, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी दुकानदार उन्हीं जर्जर छतों के नीचे जान हथेली पर रखकर बैठने को मजबूर हैं। नगर निगम का दावा है कि उन्होंने नोटिस दिया ह...