नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग की रहने वाली आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा की कहानी उन सभी माता-पिता और बच्चों के लिए आईना है जो छोटी उम्र के रिजल्ट को ही किस्मत का फैसला मान लेते हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में तीसरे प्रयास में अखिल भारतीय रैंक 203 हासिल करने वाली अंकिता 2018 बैच की अफसर हैं और फिलहाल राजनांदगांव में तैनात हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में बातचीत में अंकिता ने बताया कि उनके असली हीरो उनके पिता हैं। उन्होंने हर मुश्किल घड़ी में बेटी का हाथ थामे रखा। अंकिता तीन बहनें हैं और पिता कारोबारी हैं। बेटियों पर भरोसा करने वाला ऐसा घर हर किसी को नसीब नहीं होता। अंकिता कहती हैं कि अफसर बनने का सपना उन्होंने बचपन से ही देखा था। बचपन से लेकर आईपीएस बनने तक अंकिता ने कौन कौन से पड़ाव पार किए, आइए जानते हैं।गणित से थी अंकिता...