गिरडीह, मई 1 -- बगोदर। आज मजदूर दिवस है, लेकिन बगोदर और आसपास के इलाके के हजारों मजदूरों के लिए यह दिन भी चिंता और संघर्षों से भरा है। रोजगार एवं सिंचाई सुविधाओं के अभाव में यहां का हर गांव पलायन की पीड़ा झेल रहा है। मजबूरी में लोग महानगरों से लेकर खाड़ी देशों तक जाने को विवश हैं। स्थिति यह है कि बगोदर प्रखंड का शायद ही कोई ऐसा गांव बचा हो जहां के युवाओं ने रोजी-रोटी के लिए पलायन न किया हो। घर-परिवार में अच्छे दिन लाने का सपना संजोकर निकले इन मजदूरों में गिने-चुने लोग ही अच्छे ओहदे या बिजनेस तक पहुंच पाते हैं। अधिकांश मजदूरों का घर-परिवार जैसे-तैसे चल रहा है। पलायन करने वाले प्रवासी मजदूरों की सबसे बड़ी पीड़ा विदेशों में सामने आती है। वहां अपहरण, ओवरटाइम काम कराना, तय से कम मजदूरी देना आम बात हो गई है। सोशल मीडिया पर आए दिन विदेशों में फं...
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