सिमडेगा, अप्रैल 27 -- कभी जिस सिमडेगा के बीजू आम के आगे फ्रूटी फेल थी और जहां के शरीफे के बिना बिहार में छठ का पर्व अधूरा माना जाता था। आज वही जिला बाहरी राज्यों की सप्लाई का मोहताज बन चुका है। वर्ष 2002 के पहले तक आम के सीजन में जिले से रोजाना 4 से 5 ट्रक आम की खेप निकलती थी। टोकरी में भर-भरकर कच्चे आम एक महीने तक और फिर पक्के आम की सप्लाई पूरे एक महीने तक लगातार होती थी। खासकर बीजू आम की बिहार के कई इलाकों में जबरदस्त मांग रहती थी। रांची और पटना के रास्ते ये आम अन्य जिलों के छोटे-छोटे मंडियों तक पहुंचते थे। जहां से इनकी खुशबू दूर तक फैलती थी। आज स्थिति यह है कि जिले में आम आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से मंगाया जा रहा है। जो जिला कभी दूसरों को सप्लाई करता था, वही अब खुद बाहर पर निर्भर हो गया है।सिमडेगा में उपजे शरीफा से बिहार में होती थी ...