नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- पितृपक्ष का महीना चल रहा है, इसके बाद इसका समापन 10 अक्टूबर को होगा। इसे सर्वपितृ अमावस्या कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पितरों की विदाई की जाती है। सभी पितृ जो इस माह अपनेी संतानों से मिलने आते हैं, वो इस दिन विदा होते हैं। इसलिए उनकी विदाई के समय भी तर्पण करना जरूरी होता है। इस दिन अमावस्या पर ऐसे पितरों का भी तर्पण होता है, जो किसी वजह से आप भूल गए हों। ऐसे पितरों के लिए दान और तर्पण अमावस्या के दिन करना चाहिए। इस दिन हम उन सभी पूर्वजों का श्राद्ध कर सकते हैं जिनकी मृत्यु की सही तिथि हमें याद नहीं है, वहीं वे लोग जो भी इस दिन तर्पण कर सकते हैं जो आपके भूले बिसरे पितर हैं।पितरों तक जाता है यह दान आपको बता दें कि सर्वपितृ अमावस्या पर जो दान कियाजाता है वो पितरों तक पहुंचता है। इससे न सिर्फ उनकी आत्मा को तृप्...