कब है गुरु प्रदोष व्रत, कलियुग में क्यों प्रदोष व्रत रखना चाहिए?
नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- ऐसा कहा जाता है कि गुरुवार के प्रदोष में शिव गंगा में निवास करते हैं। हर प्रदोष व्रत का अपना अलग महत्व है और इससे अलग-अलग फल मिलते हैं। गुरु प्रदोष के व्रत से शत्रुओं का नाश होता है। इस साल प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर को रखा जाएगा। प्रदोष व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। त्रयोदशी तिथि के दिन जो व्रत करता है उसके जीवन में कोई क्लेश नहीं होता है। इसका वर्णन आपको शिवचालीसा में भी मिलता है। जो भी इस व्रत को करेंगे वो 11 और 36 प्रदोष का व्रत करें और फिर इसका उद्यापन कर दें। एक महीने में दो प्रदोष आते हैं, शुक्ल पक्ष और कष्ण पक्ष में। शिव महापुराण में लिखा है कि अगर आप प्रदोष का व्रत नहीं कर सकते हैं, तो प्रदोष काल में आप शिवजी को एक लोटा जल अर्पित कर 5 बेलपत्र अर्पित कर देंगे तो प्रदोष व्रत का फल मिल जाएगा। त्रयोदशी तिथि...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.