कब से लग रहे हैं चतुर्मास और उद्यापन के दौरान क्या करना चाहिए?
नई दिल्ली, जुलाई 17 -- देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक का समय चतुर्मास कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो इस दौरान स्रान, दान, जप, होम और देवपूजन करता है, वह सब अक्षय होता है। चार महीने जब श्रीहरि निद्रा में चले जाते हैं और भगवान शिव सारा कामकाज संभालते हैं तो इसे चतुर्मास कहा जाता है। आइए जानते हैं चतुर्मास में क्या करना चाहिए और इस दौरान कैसे श्रीहरि की पूजा करनी चाहिए।चतुर्मास में क्या करें? चतुर्मास में किसी एक चीज का त्याग किया जाता है और फिर उसी चीज का उद्यापन के दौरान दान किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो चतुर्मास में दोनों समय पुराण सुनता है, वह सब पापों से मुक्त हो भगवान् विष्णुं के धाम को जाता है। जो भगवान के शयन करने पर कीर्तन और जप करता है, उसे कई गुना फल मिलता है। जो ब्राह्मण भगवान् विष्णु का भक्त है और रोजाना उनका पू...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.