नई दिल्ली, अगस्त 17 -- लाल सागर, स्वेज नहर और दूसरे समुद्री रास्तों पर बढ़ते तनाव और युद्ध ने वैश्विक व्यापार को समुद्री मार्गों की सुरक्षा के प्रति सतर्क कर दिया है। अब यह समझ में आ गया है कि होर्मुज के खुलने के लिए हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठा जा सकता। किसी एक रास्ते के बंद होने से जहाजों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है, जिससे समय और परिवहन लागत दोनों बढ़ते हैं। इसी जोखिम को देखते हुए चीन यूरोप तक पहुंचने के लिए आर्कटिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी में है।20 दिन में चीन से यूरोप की यात्रा इस रास्ते से चीन से यूरोप की यात्रा करीब 20 दिन में पूरी हो सकती है। फिलहाल चीन से यूरोप जाने वाले बड़े कंटेनर जहाज हिंद महासागर, अरब सागर, लाल सागर और स्वेज नहर से होकर भूमध्य सागर के रास्ते यूरोप पहुंचते हैं। आर्कटिक मार्ग में जहाज चीन के उ...