देहरादून, अप्रैल 20 -- देहरादून। शहर के कब्रिस्तानों में बाहरी निवासियों को दफनाने पर रोक लगाने के मसले पर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता खुर्शीद अहमद सिद्दीकी ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि मस्जिद, मदरसा और कब्रिस्तान अल्लाह की राह में 'वक्फ' होते हैं, जहां किसी भी मुसलमान को दफन करने से मना करना शरीयत के खिलाफ है। सिद्दीकी ने मक्का और मदीना की मिसाल देते हुए कहा कि वहां दुनिया भर के मुसलमानों को जन्नतुल बकी और जन्नतुल मौला में बिना किसी भेदभाव के दफन किया जाता है। उन्होंने स्थानीय कमेटियों के अंदर-बाहर के भेदभाव को इस्लाम की रूह के उलट बताया। उन्होंने मांग की है कि कमेटियों को इस्लामी जाब्तों पर अमल करना चाहिए और दारुल उलूम जैसे दीनी मरकजों से रहनुमाई लेनी चाहिए ताकि कोई भी मैय्यत बेअदबी का शिकार न हो। यह भी पढ़ें- दून में इमाम संगठन...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.