कबीर वाणी शब्द नहीं, आत्मा का शुद्ध प्रकाश
वाराणसी, जून 29 -- वाराणसी। चौबेपुर स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम में संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने कहा कि संत कबीर की वाणी केवल शब्द नहीं, आत्मा का शुद्ध प्रकाश है। यदि श्रद्धा हो तो वही वाणी आत्मदीप बन जाती है और साधक के भीतर का अंधकार तिरोहित हो जाता है। महामंदिर में रविवार को दो दिनी आध्यात्मिक महोत्सव का शुभारंभ हुआ था। महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को संत प्रवर ने कहा कि कबीर ने जिस 'अनुभव-सत्य' का संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। ग्रंथों का अध्ययन तभी सार्थक है जब मनुष्य अपने अंतर्मन में झांककर आत्मस्वरूप का साक्षात्कार करे। यही वास्तविक भक्ति और आध्यात्मिक जीवन का मूल आधार है। यह भी पढ़ें- संत कबीर साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक: मंत्रीसंत कबीर का संदेश उन्होंने कहा कि संत कबीर सत्य की ज्वाला थे, जिनके निर्भीक शब्दों ने ...
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